Tuesday, February 27, 2024
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अमेरिकी स्वतंत्रीय -संग्राम के क्या कारण थे। Causes of the American War of Independence Part- 3



अमेरिकी स्वतंत्रीयसंग्राम के क्या कारण थे। Causes of the American War of Independence Part- 3


4. इंग्लैण्ड  के प्रति निष्ठां का आभाव :-

अमेरिकी उपनिवेशों की स्थापना इंग्लैण्ड  सरकार के प्रोत्साहन पर  थीबल्कि ब्रिटिश सरकार  कीनीतियो से दुःखी  होकर ही एक अनजान देश में साहस एवं कर्मठ  व्यक्तियों ने परिश्रम क्र उपनिवेशों की स्थापना की थी।ऐसे लोगो में स्वाभिक रूप से इंग्लैण्ड  के प्रति निष्ठां की भावना की कमी थी। 

 

5.  सामाजिक , धार्मिक एवं आर्थिक  व्यवस्था अन्तर :-

 अमरीकी उपनिवेश के निवासियों की  अवस्था इंग्लैण्ड  से भीं थी अमेरिका में इंग्लैण्ड  की भांति ना तो कोई लार्ड था और  कोई सामंती व्यवस्था थी इंग्लैण्ड   संसद उस समय बड़े – बड़े कुलीन वर्ग  के सामंतो एवं पूंजीपतियों के चंगुल में थी।  इसके विपरीत शिल्पी सभी स्वतंत्र थे। प्रजातांत्रिक सिद्धांत उनकी जीवन – पद्धति के आधार थे विलियम पेन नामक विद्वान के शब्दों में “अमेरिकी उपनिवेश के लोग अपने से बड़ा किसी को नहीं मानते थे और यदि मानते थे तो केवल वृक्षों  को।”   इंग्लैंड और  धार्मिक विश्वासों में भी बहोत अन्तर  था।  इंग्लैण्ड  की अधिकांश जनता एंग्लिकन चर्च में विश्वासों  करती थी  उपनिवेश के निवासी प्यूरिटन मत के समर्थक थे। इन विभेदो के कारण उपनिवेश निवासी इंग्लैण्ड  के प्रति  अच्छी भावना  नहीं रखते थे।

 

6. उपनिवेशों की भौगोलिक स्तिथि :-

अमेरिका स्थित इंग्लैण्ड  के तेरह  उपनिवेश वहाँ  से तीन हजार मिल दूर। अतः  इन उपनिवेशों पर कारगर ढंग  से नियंत्रण करना इंग्लैण्ड  के शासको के लिए संभव नहीं था।  पानी के जहाज से अमेरिका पहुंचने  महीनो का समय लगता था।यातायात  के सुगम साधनो का अभाव था।फलतः 1607 इस्वी  से 1760  ईंसवी तक इंग्लैण्ड शासको ने इन उपनिवेशों के मामलो में न्यूनतम हस्तक्षेप की निति को अपनाया। इससे इनकी स्वतंत्र प्रकृति को बढ़ावा मिला। 

 

7.  इंग्लैण्ड  की गलत औपनिवेशक निति :-

18वी  सदी में इंग्लैण्ड में एक ऐसी  अर्थनीति का उदय हुआ  जिसका उदेस्य उपनिवेशों का शोषणकरना था।इस निति का उदेस्य इंग्लैण्ड  के उधोगो के लिए सस्ते दर पर कच्चे माल को उपलब्ध कराना एवं 

उपनिवेशों से इंग्लैण्ड  के बने हुए माल की खपत को सुनिश्चित करना था इसके अतिरिक्त इंग्लैण्ड  के विशल साम्राज्य की रक्षा  के लिए भी उपनिवेशों को ब्रिटिश सेना के खर्च में हाथ बाँटने के लिए वाध्य किया गया इंग्लैण्ड  का धनि एवं कुलीन वर्ग उपनिवेशों के निवासियों को हेय  दृष्टि से देखता था।

 8. इंग्लैण्ड  की अमेरिका के प्रति उदासीनता :-

 प्रारंभ  से ही इंग्लैण्ड  की सरकार   उपनिवेशों के प्रति अधिक दिलचस्पी नहीं दिखायी तथा  वह इसके प्रति उदासीन अणि रही , क्योंकि  मातृभूमि के ये उपनिवेश गरीब थे। आर्थिक दृस्टि से ये तेरह  उपनिवेश वेस्ट इण्डीज  के टापुओं से भी कम  लाभप्रद मने जाते थे , क्योकि ये चीनी और तम्बाकू नहीं पैदा करते थे जिनकी यूरोपीय बाजरो में बहुत अधिक माँग  थी।

9. उपनिवेशो एवं इंग्लैण्ड के आर्थिक स्वार्थो में संघर्ष :-

इंगलैण्ड  ने स्वार्थपरक आर्थिक निति अपनाकर उपनिवेशो  आर्थिक विकास पर कठोर नियंत्रण किया। इससे इंग्लैण्ड  तथा उपनिवेशों के आर्थिक हितो में डकरा  की स्तिथि उतपन्न  हो गयी। स्वार्थवादी  व्यपारिक सिधान्तो से प्रेरित होकर ब्रिटिश  पार्लियमेंट ने की ऐसे कानूनों को पास किया जो उपनिवेशों के स्वार्थ से टकराते थे।  इनमे से कुछ कानून थे —

 

(i) नेविगेशन अधिनियम :-

उपनिवेशों में जहाजों का निर्माण शुरू हुआ।  माल ढोने के सम्बन्ध में कुछ कानून बनाये गए जो नेविगेशन एक्ट कहलाये।  ब्रिटेन मेबने जहाजों में ब्रिटिश नाविकों द्वारा ही उपनिवेशों का सारा माल ढोया जाता था। अमेरिकी उपनिवेशों से यूरोपीय देशो में  जाने वाला माल भी ब्रिटिश जहाजों में ढोया  जाता था इन अधिनियमों के कारण अमेरिकी उपनिवेश के निवासी काफी अप्रसन्न हो गए।  यह अधिनियम भी संघर्ष का एक कारण  बना।

 

 

(ii)  ट्रेड अधिनियम :-

इसके अनुसार अमेरिकी उपनिवेश में पैदा होने वाली कुछ वस्तुओ को ब्रिटेन भेजना अनिवार्य था उन सामान का विक्रय डॉ इंग्लैण्ड  ही निश्चित करता था इंग्लैंड  ने नियम बना किया कि  अमेरिकी व्यपारियो एवं कृषिको को घटा सहकर भी इंग्लैण्ड  के हाथो माल बेचना पड़ेगा।  1733 ईंसवी  में मोपलेसेस एक्ट पास हुआ।जिसके अनुसार यदि अमेरिकी उपनिवेश के लोग यूरोपीय देशों  एवं अन्य उपनिवेशों के साथ 

व्यपार करेंगे तो उन्हें एक प्रकार का कर  देना पड़ेगा।उपनिवेशों से किसी प्रकार के ऊनी  समान के निर्यात पर रोक लगा दी गई और उन्हें आपस में ऊनी  समानो को लेने से मना कर  दिया  गया।  1750  ईस्वी तक अमेरिकी उपनिवेशों में लोहे का उत्पादन इतना हो गया था की इंग्लैण्ड  के उत्पादकों को इससे चिंता हो गई थी। ब्रिटिश पार्लियामेंट ने एक कानून बनाया जिसके अनुसार उपनिवेशों के निवासियों को कच्चा लोहा ढालने के लिए कारखाने स्थपित करने एवं लोहे के समान बनाने पर  रोक लगा दी गयी।  

This is part-3 

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महलवाड़ी व्यवस्था क्या है ?/ What is Mahalwari and Ryotwari system?————-

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रैयतवाड़ी व्यवस्था क्या है ?/What is Rayotwari System? ————————

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